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Shri Laxmi Narayani Vigyan Mandir(Mata Lakshmi)
Ghoti(Lalburra) Balaghat MP

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Vigyan Mandir(Lakshmi Mata) 100A (100 Acre Project)

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जन-सूचना एवं आमंत्रण

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बालाघाट में 100 एकड़ में प्रस्तावित होगा भव्य श्री लक्ष्मी नारायणी विज्ञान मंदिर(माता लक्ष्मी), धार्मिक पर्यटन और सामाजिक विकास को मिल सकती है नई दिशा

बालाघाट (मध्यप्रदेश)।
जिले की लालबर्रा तहसील के ग्राम घोटी में धर्म, विज्ञान, संस्कृति और समाज सेवा के समन्वय पर आधारित एक महत्वाकांक्षी परियोजना आकार ले रही है। श्री लक्ष्मी नारायणी विज्ञान समिति (SLNVS Samiti) ने लगभग 100 एकड़ भूमि पर *“श्री लक्ष्मी नारायणी विज्ञान मंदिर”* विकसित करने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया है। समिति द्वारा इस संबंध में मध्यप्रदेश शासन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग, मुख्यमंत्री कार्यालय तथा भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय सहित विभिन्न प्रशासनिक एवं जनप्रतिनिधि कार्यालयों को औपचारिक पत्र भेजकर मार्गदर्शन एवं सहयोग का अनुरोध किया गया है।

वर्ष 2022 में हुई थी धार्मिक स्थापना

समिति के अनुसार वर्ष 2022 में तमिलनाडु के वेल्लोर स्थित प्रसिद्ध श्री लक्ष्मी नारायणी गोल्डन मंदिर से ज्योति लाकर ग्राम घोटी में माता लक्ष्मी की प्रतिमा स्थापित की गई थी। वर्तमान में यहां नियमित पूजा-अर्चना, धार्मिक अनुष्ठान एवं श्रद्धालुओं की सहभागिता के साथ विभिन्न गतिविधियां संचालित हो रही हैं। अब इस स्थल को विस्तारित कर एक भव्य धार्मिक एवं सामाजिक केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना बनाई गई है।

धर्म और विज्ञान के समन्वय का केंद्र बनेगा “विज्ञान मंदिर”

प्रस्तावित परियोजना की विशेषता यह है कि इसे केवल एक मंदिर के रूप में नहीं, बल्कि “विज्ञान मंदिर” की अवधारणा के साथ विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। समिति का उद्देश्य धार्मिक आस्था, वैज्ञानिक सोच, सांस्कृतिक संरक्षण, सामाजिक सेवा और जनजागरूकता को एक साझा मंच प्रदान करना है।

भविष्य में मंदिर परिसर में वैदिक अध्ययन, सांस्कृतिक कार्यक्रम, सामाजिक सेवा गतिविधियां, पर्यावरण संरक्षण अभियान, जनकल्याणकारी योजनाएं तथा युवाओं के लिए जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जाने का प्रस्ताव है।

प्रशासनिक एवं जनप्रतिनिधि स्तर पर भेजी गई जानकारी

समिति द्वारा परियोजना संबंधी जानकारी ग्राम पंचायत घोटी, विधायक कार्यालय लालबर्रा, सांसद कार्यालय बालाघाट, कलेक्टर कार्यालय बालाघाट, जिला पंचायत, मुख्यमंत्री कार्यालय, विभागीय मंत्रियों एवं भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय को भेजी जा चुकी है। समिति का कहना है कि यह परियोजना जनसहभागिता और प्रशासनिक सहयोग के माध्यम से आगे बढ़ाई जाएगी।

मंदिर संचालन के लिए प्रशासनिक एवं वित्त समिति का गठन

मंदिर निर्माण एवं संचालन को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से SLNVS समिति द्वारा *SLNVMS मंदिर समिति* के अंतर्गत प्रशासनिक समिति एवं वित्त समिति के लिए विस्तृत उप-नियम तैयार किए गए हैं।

प्रशासनिक समिति में कुल 7 सदस्य होंगे, जो मंदिर के दैनिक संचालन, पूजा-अर्चना व्यवस्था, कर्मचारियों की नियुक्ति, धार्मिक आयोजनों, श्रद्धालुओं की सुविधाओं एवं मंदिर संपत्तियों की सुरक्षा से संबंधित कार्यों का संचालन करेंगे।

वहीं वित्त समिति में 5 सदस्य होंगे, जो मंदिर की आय-व्यय, दान, चढ़ावा, बैंक संचालन, लेखा संधारण तथा वित्तीय पारदर्शिता की जिम्मेदारी निभाएंगे। समिति के उप-नियमों में वार्षिक ऑडिट तथा आय-व्यय का सार्वजनिक विवरण प्रस्तुत करने का भी प्रावधान रखा गया है।

प्रशासनिक समिति के नामित सदस्य

 श्री खिलेश्वर बांते — अध्यक्ष

 श्री तुषार भोयर — सचिव
श्री रवि छबी गोले — सदस्य
श्री तुपेंद्र देशमुख — सदस्य
श्री दिनेश सर्वे — सदस्य
श्री शुभम कारे — सदस्य
श्री विकी सेलोकर — सदस्य

12A एवं 80G प्रमाणन के साथ पंजीकृत संस्था

समिति ने बताया कि मंदिर निर्माण एवं सामाजिक गतिविधियों के संचालन हेतु संस्था का विधिवत पंजीयन कराया गया है। संस्था को आयकर अधिनियम के अंतर्गत 12A एवं 80G प्रमाण-पत्र प्राप्त हैं। इसके अतिरिक्त बैंक खाता एवं अन्य आवश्यक वैधानिक दस्तावेज भी उपलब्ध हैं, जिससे परियोजना का संचालन पारदर्शी एवं व्यवस्थित ढंग से किया जा सके।

18 दिसंबर को महायज्ञ एवं नगर भोज का आयोजन

जनसहयोग एवं जनजागरण के उद्देश्य से समिति द्वारा आगामी 18 दिसंबर को विशाल महायज्ञ एवं नगर भोज आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। समिति का मानना है कि यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक एकता, सद्भाव, जनभागीदारी एवं सांस्कृतिक जागरण को भी प्रोत्साहित करेगा।

इस अवसर पर प्रस्तावित श्री लक्ष्मी नारायणी विज्ञान मंदिर की विस्तृत रूपरेखा एवं भावी योजनाओं को भी आमजन के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।

धार्मिक पर्यटन और स्थानीय विकास को मिल सकता है बढ़ावा

समिति का मानना है कि प्रस्तावित श्री लक्ष्मी नारायणी विज्ञान मंदिर भविष्य में बालाघाट जिले के प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्रों में शामिल हो सकता है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन, व्यापारिक गतिविधियों में वृद्धि, पर्यटन विकास तथा सामाजिक-सांस्कृतिक उन्नति को नई दिशा मिलने की संभावना है।

समिति की अपील

श्री लक्ष्मी नारायणी विज्ञान समिति ने सभी श्रद्धालुओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, धर्मप्रेमियों एवं क्षेत्रवासियों से इस जनकल्याणकारी अभियान में सहभागी बनने का आग्रह किया है।

समिति का संदेश है —

"यज्ञ से समृद्धि, सेवा से संस्कार और सहयोग से निर्माण"

इसी भावना के साथ प्रस्तावित श्री लक्ष्मी नारायणी विज्ञान मंदिर को समाज के समक्ष समर्पित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है, जो आने वाले समय में धर्म, ज्ञान, विज्ञान, सेवा और संस्कृति के समन्वय का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है।

— विशेष संवाददाता
SLNVS Samiti News Desk, Balaghat (M.P.)

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